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स्पेस स्टार्टअप नभयान एयरोस्पेस ने 3डी-प्रिंटेड रॉकेट इंजन का 120 सेकंड का सफल परीक्षण किया

हैदराबाद की कंपनी का मीथेन से चलने वाला इंजन पूरी तय अवधि तक चला। कंपनी दो साल में छोटे उपग्रहों का पहला कक्षीय प्रक्षेपण करना चाहती है।

तारों के बीच रॉकेट का चित्रण
फ़ोटो: चित्रण: Spanline समाचार (सिंथेटिक)

हैदराबाद के स्पेस स्टार्टअप नभयान एयरोस्पेस ने गुरुवार को बताया कि उसने अपने 3डी-प्रिंटेड रॉकेट इंजन का 120 सेकंड का परीक्षण पूरा कर लिया है। यह कंपनी के इतिहास का सबसे लंबा परीक्षण है और उड़ान में इंजन की भूमिका के लिए तय पूरी अवधि है।

'चकोर-1' नाम का यह इंजन तरल मीथेन और तरल ऑक्सीजन से चलता है। इसका बड़ा हिस्सा धातु के एक ही 3डी-प्रिंटेड टुकड़े के रूप में बनाया गया है, जिससे कंपनी के मुताबिक़ पुर्ज़ों की संख्या और जोड़ने का समय घटता है।

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