1/8शाम की तेज़ बारिश के बीच छाते लिए लोग बस का इंतज़ार करते हुए। फ़ोटो: चित्रण: Spanline समाचार (सिंथेटिक)
2/8चार साल में पहली बार गांव का जलाशय लबालब भर गया। फ़ोटो: चित्रण: Spanline समाचार (सिंथेटिक)
3/8हफ़्ते भर की बारिश से भीगे खेतों में धान की रोपाई करते किसान। फ़ोटो: चित्रण: Spanline समाचार (सिंथेटिक)
4/8पहाड़ियों पर बादल छंटने के बाद चमकता हाईवे का एक हिस्सा। फ़ोटो: चित्रण: Spanline समाचार (सिंथेटिक)
5/8तेज़ बारिश के अगले दिन सुबह शहर के ऊपर लौटा साफ़ आसमान। फ़ोटो: चित्रण: Spanline समाचार (सिंथेटिक)
6/8जलस्तर बढ़ने के साथ शहर के किनारे की आर्द्रभूमि में लौटे पक्षी। फ़ोटो: चित्रण: Spanline समाचार (सिंथेटिक)
7/8बारिश से धुले गांवों के बीच धीरे-धीरे गुज़रती एक पैसेंजर ट्रेन। फ़ोटो: चित्रण: Spanline समाचार (सिंथेटिक)
8/8फिर से बारिश शुरू होते ही अपने ठेले ढकते सब्ज़ी विक्रेता। फ़ोटो: चित्रण: Spanline समाचार (सिंथेटिक)
इस साल के मानसून ने सबको अनुमान लगाते रखा। कई इलाक़ों में यह देर से पहुंचा, कुछ जगह हफ़्तों तक रुका रहा, और फिर पतझड़ तक तेज़ बारिश के साथ लौटता रहा।
किसानों के लिए देर की बारिश ने जलाशयों को राहत दी और बुवाई का दूसरा मौक़ा दिया। शहरों के लिए इसका मतलब था पानी भरे अंडरपास, रद्द हुई कक्षाएं और बस स्टॉप पर लंबी शामें। हमारे फ़ोटोग्राफ़रों ने गांव के तालाबों से लेकर शहर की इमारतों तक इस मौसम को क़रीब से देखा।
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